रोज़े की हालत में दाँत साफ करना कैसा ?

 

सवाल:

क्या रोज़े की हालत में दाँत साफ करना या मिस्वाक करना जायज़ है?


अल-जवाब बि औनिल मलिकिल वह्हाब:

रोज़े की हालत में मिस्वाक करना जायज़ बल्कि मुस्तहब है, चाहे दिन के किसी भी वक्त किया जाए। इससे रोज़े में कोई खराबी नहीं आती। हाँ अगर कोई टूथपेस्ट इस्तेमाल करे तो इस बात का खास ध्यान रखे कि उसका झाग या स्वाद हलक से नीचे न जाए क्योंकि अगर कोई चीज़ जानबूझकर हलक से नीचे चली जाए तो रोज़ा टूट जाएगा

फुक़हा-ए-किराम ने लिखा है कि रोज़ेदार के लिए मिस्वाक करना जायज़ है क्योंकि इसमें सफाई भी है और सुन्नत की पैरवी भी

हवाला:अद-दुर्रुल मुख़्तार मआ रद्दुल मुहतार, किताबुस सौम फ़तावा हिंदिया, किताबुस सौम

वल्लाहु तआला आ'लमु बिस्सवाब

कत्बा अल अब्द खाकसार नाचीज़ मोहम्मद शफीक़ रजा़ रज़वी खतीब व इमाम सुन्नी मस्जिद हजरत मन्सूर शाह रहमातुल्ला अलैहि बस स्टैंड किशनपुर जिला फतेहपुर उत्तर प्रदेश

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