अल-जवाब बि औनिल मलिकिल वह्हाब:
इ‘तिकाफ़ में बैठने वाला शख्स मस्जिद में ही ठहरता है, इसलिए उसके लिए मस्जिद के अंदर खाना खाना जायज़ है। क्योंकि अगर उसे हर बार खाना खाने के लिए मस्जिद से बाहर जाना पड़े तो इससे इ‘तिकाफ़ में रुकावट पैदा होगी
फुक़हा-ए-किराम ने लिखा है कि इ‘तिकाफ़ करने वाला शख्स मस्जिद में खाना खा सकता है, सो सकता है और अपनी जरूरत के काम कर सकता है, लेकिन उसे इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि मस्जिद की सफाई और अदब का ख्याल रखे।
अगर खाना खाने से मस्जिद में गंदगी फैलने का अंदेशा हो तो एहतियात बरतनी चाहिए और जगह को साफ रखना चाहिए
इस तरह इ‘तिकाफ़ करने वाले के लिए मस्जिद में खाना खाना जायज़ है, लेकिन मस्जिद के अदब और सफाई का खास ख्याल रखना जरूरी है
हवाला:फ़तावा हिंदिया अद-दुर्रुल मुख़्तार
वल्लाहु तआला आ'लमु बिस्सवाब
कत्बा अल अब्द खाकसार नाचीज़ मोहम्मद शफीक़ रजा़ रज़वी खतीब व इमाम सुन्नी मस्जिद हजरत मन्सूर शाह रहमातुल्ला अलैहि बस स्टैंड किशनपुर जिला फतेहपुर उत्तर प्रदेश
