अल-जवाब बि औनिल मलिकिल वह्हाब:
इ‘तिकाफ़ का मकसद यह है कि इंसान अपना ज्यादा समय अल्लाह तआला की इबादत में गुज़ारे इसलिए इ‘तिकाफ़ में बैठने वाले को चाहिए कि वह नमाज़, तिलावत-ए-क़ुरआन, ज़िक्र और दुआ में ज्यादा वक्त लगाए
हालाँकि इतिकाफ़ की हालत में सोना जायज़ है क्योंकि इंसान को आराम की भी जरूरत होती है लेकिन जरूरत से ज्यादा सोते रहना और इबादत से गाफिल हो जाना इतिकाफ़ की रूह के खिलाफ है
इसी तरह जरूरी और हल्की-फुल्की दुनिया की बातें करना भी जायज़ है लेकिन बेकार और ज्यादा बातें करना, हँसी मज़ाक में समय बिताना या मोबाइल में फालतू चीज़ें देखना इ‘तिकाफ़ के मकसद के खिलाफ है
इसलिए इ‘तिकाफ़ करने वाले को चाहिए कि वह अपना समय ज्यादा से ज्यादा नेक कामों में लगाए और अल्लाह तआला की इबादत में मशगूल रहे
हवाला:फ़तावा हिंदिया रद्दुल मुहतार व दूर्र अल मुख्तार
वल्लाहु तआला आलमु बिस्सवाब
कत्बा अल अब्द खाकसार नाचीज़ मोहम्मद शफीक़ रजा़ रज़वी खतीब व इमाम सुन्नी मस्जिद हजरत मन्सूर शाह रहमातुल्ला अलैहि बस स्टैंड किशनपुर जिला फतेहपुर उत्तर प्रदेश
