क्या कोई बगैर कल्मा पढ़े मुस्लमान हो सकता है


सवाल: एक शख्स कलमा न पढ़ने के बावजूद मुसलमान हो गया उसकी क्या सूरत है ? 


 जवाब: जो शख्स ये कहे कि मैंने फुलां मज़हब छोड़ कर  दीने इस्लाम क़बूल कर लिया तो वह मुसलमान हो गया अगरचे उसने कलमा न पढ़ा जैसा कि फ़तावा अफ़्रीक़ा लाहौरी सफ़ह 154 में है इतना कह लेना कि मैंने वो मज़हब छोड़ कर दीने मुहम्मदी क़बूल कर लिया इस्लाम के लिए काफ़ी है

📕फिक़ही पहेलियाँ सफ़ह 59

अज़ क़लम 🌹 खाकसार नाचीज़ मोहम्मद शफीक़ रज़ा रिज़वी खतीब व इमाम (सुन्नी मस्जिद हज़रत मनसूर शाह रहमतुल्लाह अलैह बस स्टॉप किशनपुर अल हिंद)

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