अहम ऐलान
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ISLAMI MALUMAT

मरकज़-ए-तहक़ीक़ व इफ़्ता
शरई फ़तवा दस्तावेज़

सवाल: ☆ मौत का तसव्वुर☆

तारीख़: सोमवार, जनवरी 01, 2024


       ☆ मौत का तसव्वुर☆

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एक बार मशहूर बुजुर्ग हज़रत मारूफ करखी रहमतुल्लाह अलैहे का वुजू जाता रहा तो आपने फौरन तयम्मुम फरमा लिया. लोगों ने अर्ज कियाः हज़रत ! दरिया बहुत करीब है. फिर अपने तयम्मुम क्यों किया ? 

आपने फरमाया कि आप लोगों की बात बिल्कुल बजा है. मगर मुझे उम्मीद नहीं कि दरिया के पास पहुँचने तक मैं ज़िन्दा भी रहूँगा या नहीं 

प्यारे बच्चो  हज़रत मारूफ करखी की यह सोच दरअस्ल आका अलैहिस्सलातो वस्सलाम की इस मारूफ हदीस की पैदावार थी

(मौत को दूर न ख्याल कर बल्कि हमा वक्त) अपना शुमार मुर्दो में किया कर

📗 (सुनन तिरमिजी -8/323 हदीस : 2255)

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कत्बा अल अब्द खाकसार नाचीज़ मोहम्मद शफीक़ रजा़ रज़वी ख़तीब व इमाम सुन्नी मस्जिद हज़रत मन्सूर शाह रहमतुल्लाह अलैहि बस स्टैंड किशनपुर जि़ला फतेहपुर उत्तर प्रदेश

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