अगर कपड़े का थोड़ा सा हिस्सा नापाक हो जाए



      अगर कपड़े का थोड़ा सा हिस्सा नापाक हो जाए
कपड़े का कोई हिस्सा नापाक हो गया और येह याद नहीं कि वोह कौन सी जगह है, तो बेहतर येह है कि पूरा ही धो डालें (यानी जब बिल्कुल न मालूम हो कि किस हिस्से में नापाकी लगी है और अगर मा'लूम है कि मसलन आस्तीन नजिस हो गई मगर येह नहीं मालूम कि आस्तीन का कौन सा हिस्सा है, तो पूरी आस्तीन का धोना ही पूरे कपड़े का धोना है) और अगर अन्दाजे से सोच कर इस का कोई सा हिस्सा धो ले जब भी पाक हो जाएगा, और जो बिला सोचे हुए कोई टुकड़ा (हिस्सा) धो लिया जब भी पाक है मगर इस सूरत में अगर चन्द नमाजें पढ़ने के बाद मालूम हो कि नजिस हिस्सा नहीं धोया गया तो फिर धोए और नमाज़ों का इआदा करे (यानी दोबारा पढ़े) और जो सोच कर धो लिया था और बाद को गलती मालूम हुई तो अब धो ले और नमाज़ों का इआदा (यानी दोबारा अदा करने) की हाजत नहीं (ऐज़न स. 121, 122) 📚कपड़े पाक करने का तरीका सफ़ा 32

कत्बा अल अब्द खाकसार नाचीज़ मोहम्मद शफीक़ रजा़ रज़वी ख़तीब व इमाम सुन्नी मस्जिद हज़रत मन्सूर शाह रहमतुल्लाह अलैहि बस स्टैंड किशनपुर जि़ला फतेहपुर उत्तर प्रदेश

Post a Comment

और नया पुराने