बूढ़ी औरतों को मज़ारात पर जाना कैसा है


सवाल बूढ़ी औरतों को मज़ारात पर जाना और नक़ाब हटा कर मुजावर के सामने मज़ार पर हाज़िरी देना कैसा है

अल जवाब औरतों को बुज़ुर्गों के मज़ारात पर जाना मना है चाहे बूढ़ी हो या जवान हो

और मुजाविरों के सामने नक़ाब उठाना नाजाइज़ व गुनाह है

आला हज़रत अलैहिर्रहमह फ़रमाते हैं

औरतों को मज़ाराते औलिया व मक़ाबिरे अवाम (अवाम की क़बरों) दोनों पर जाने की मुमा'नअत है

📗 अहकामे शरिअत हिस्सा 2, सफ़ह 160)

और हुज़ूर सदरुश्शरिअह अलैहिर्रमह फरमाते हैं

असलन यह है कि औरतें मुतलक़न (यानी जवान हों या बूढ़ी सब मज़ारात की हाज़िरी से) मना की जाएं

और मुजावर के सामने औरतों का नक़ाब हटाना नाजाइज़ व गुनाह है

📚 बहारे शरिअत हिस्सा 4, सफ़ह 549)

✍️कत्बा अल अबद ख़ाकसार नाचीज़ मोहम्मद शफीक़ रजा़ रिज़वी ख़तीब व इमाम सुन्नी मस्जिद हज़रत मन्सूर शाह रहमतुल्ला अलैहि बस स्टैंड किशनपुर यूपी

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