अहम ऐलान
दारुल इफ़्ता में आपका ख़ैर मक़दम है। अपने दीनी व शरई सवालात के मुस्तनद जवाबात के लिए सवाल भेजें।

ISLAMI MALUMAT

मरकज़-ए-तहक़ीक़ व इफ़्ता
शरई फ़तवा दस्तावेज़

सवाल: बूढ़ी औरतों को मज़ारात पर जाना कैसा है

तारीख़: मंगलवार, जनवरी 03, 2023


सवाल बूढ़ी औरतों को मज़ारात पर जाना और नक़ाब हटा कर मुजावर के सामने मज़ार पर हाज़िरी देना कैसा है

अल जवाब औरतों को बुज़ुर्गों के मज़ारात पर जाना मना है चाहे बूढ़ी हो या जवान हो

और मुजाविरों के सामने नक़ाब उठाना नाजाइज़ व गुनाह है

आला हज़रत अलैहिर्रहमह फ़रमाते हैं

औरतों को मज़ाराते औलिया व मक़ाबिरे अवाम (अवाम की क़बरों) दोनों पर जाने की मुमा'नअत है

📗 अहकामे शरिअत हिस्सा 2, सफ़ह 160)

और हुज़ूर सदरुश्शरिअह अलैहिर्रमह फरमाते हैं

असलन यह है कि औरतें मुतलक़न (यानी जवान हों या बूढ़ी सब मज़ारात की हाज़िरी से) मना की जाएं

और मुजावर के सामने औरतों का नक़ाब हटाना नाजाइज़ व गुनाह है

📚 बहारे शरिअत हिस्सा 4, सफ़ह 549)

✍️कत्बा अल अबद ख़ाकसार नाचीज़ मोहम्मद शफीक़ रजा़ रिज़वी ख़तीब व इमाम सुन्नी मस्जिद हज़रत मन्सूर शाह रहमतुल्ला अलैहि बस स्टैंड किशनपुर यूपी

सवाब-ए-जारिया की नीयत से शेयर करें:

दारुल इफ़्ता में अपना शरई सवाल भेजें

संबंधित अन्य फ़तावा:

फ़तावा लोड हो रहे हैं...

फ़िक़्ही अबवाब व विषय सूची