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ISLAMI MALUMAT

मरकज़-ए-तहक़ीक़ व इफ़्ता
शरई फ़तवा दस्तावेज़

सवाल: असर के बाद क़ुरआने पाक की तिलावत करना कैसा

तारीख़: बुधवार, दिसंबर 21, 2022


सवाल मेरी दादी नमाज़े असर के बाद क़ुरआन पाक की तिलावत करती रहती हैं नमाज़े असर के बाद क़ुरआने पाक की तिलावत करना जाइज़ है के नहीं

जवाब बाद नमाज़े असर क़ुरआने पाक पढ़ना जाइज़ है मगर जब आफताब क़रीब गुरुब को पहुंचे और मकरुह वक़्त (गुरूबे आफ़ताब से 20 मिनट पहले मकरुह वक़्त शुरू हो जाता है) आऐ उस वक़्त तिलावत मौक़ूफ़ कर दें और ज़िक्र अज़कार किऐ जायें आफताब निकलते और डूबते और ठीक दोपहर के वक़्त नमाज़ पढ़ना नजाइज़ है और तिलावत मकरुह

📚फतावा रज़वियह शरीफ जिल्द 4 सफह 330

यानी तिलावत के अलवाह दूसरे अज़कार में मशगूल होना बेहतर है

अज़ क़लम 🌹 खाकसार नाचीज़ मोहम्मद शफीक़ रज़ा रिज़वी खतीब व इमाम (सुन्नी मस्जिद हज़रत मनसूर शाह रहमतुल्लाह अलैह बस स्टॉप किशनपुर अल हिंद)

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