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सवाल: कुर्बानी के मुताअल्लिक एक गलत फहमी की इस्लाह

तारीख़: मंगलवार, जून 28, 2022


कुर्बानी के मुताअल्लिक एक गलत फहमी की इस्लाह

बाज़ लोग पुरे घर की तरफ से सिर्फ एक बकरा क़ुरबान करते है हाला की बाज़ अवक़ात घर के कई अफ़राद साहिबे निसाब होते है और इस बिना पर उन सारो पर क़ुरबानी वाजिब होती है उन सब की तरफ से अलग अलग क़ुरबानी की जाए। एक बकरा जो सब की तरफ किया गया किसी का भी वाजिब अदा न हुवा की बकरे में एक से ज़्यादा हिस्से नही हो सकते किसी एक तै शुदा फर्द ही की तरफ से बकरा क़ुरबान हो सकता है। गाय (भेस) और ऊंट में 7 कुर्बानिया हो सकती है

📚आलमगिरी ज़िल्द 05 सफ्ह नः 304

ना-बालिग़ की तरफ से अगर्चे वाजिब नही मगर कर देना बेहतर है (और इजाज़त भी ज़रूरी नही)। बालिग़ औलाद या ज़ौजा की तरफ से क़ुरबानी करना चाहे तो उन से इजाज़त तलब करे अगर उनसे इजाज़त लिए बगर कर दी तो उनकी तरफ से वाजिब अदा नही होगा

बहारे शरीअत ज़िल्द 03 सफ्ह नः 428

✍🏻 अज़ क़लम 🌹 खाकसार ना चीज़ मोहम्मद शफीक़ रज़ा रिज़वी खतीब व इमाम (सुन्नी मस्जिद हज़रत मनसूर शाह रहमतुल्लाह अलैह बस स्टॉप किशनपुर अल हिंद)

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