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ISLAMI MALUMAT

मरकज़-ए-तहक़ीक़ व इफ़्ता
शरई फ़तवा दस्तावेज़

सवाल: जूड़ा बांध कर गुस्ल कैसा है

तारीख़: शुक्रवार, फ़रवरी 04, 2022


 ✿➺ सवाल


बहारे शरीयत मे गुसल के बयान मे लिखा है की औरत अगर बालों का जूड़ा बनाया है तो बालो की जड़ तर कर लेना ज़रूरी है जूड़ा खोलना ज़रूरी नहीं तो क्या अगर ढीला जूड़ा बांधा हो और जड़ तर हो जाए लेकिन बाकी के बाल मे कुछ खुश्क रह जाए तो गुसल हो जाएगा? 


❀➺ जवाब


अगर औरत के सर के बाल गूंधे हैं, तो बाल खोल कर बाल की नोक तक पानी बहाना ज़रूरी नही, सिर्फ़ जड़ तक पानी पहुचना काफ़ी है, और गूंधे ना हो तो पूरे बाल धोना ज़रूरी है हाँ, अगर मर्द ने जूड़ा बांधा है तो जूड़ा खोल कर बाल मुकम्मल धोना फ़र्ज़ है, अव्वल तो मर्द को जूड़ा बांधना ही हराम है


📗बहारे शरीअत, जिल्द:1, सफा:317 पर है 


सर के बाल गँधे ना हो तो हर बाल पर जड़ से नोक तक पानी बहाना (फ़र्ज़) और गूंधे हो तो मर्द पर फ़र्ज़ है की उन्हे खोल कर जड़ से नोक तक पानी बहाए, औरत पर सिर्फ जड़ तर कर लेना ज़रूरी है, खोलना ज़रूरी नही, हाँ, अगर जुड़ी / जुड़ा इतना सख़्त गुंधा हो की बिना खोले जड़ तर ना होगी, तो खोलना ज़रूरी है


📚ह़वाला पर्दादारी, सफा नं.85

     

✒️मौलाना अब्दुल लतीफ न‌ईमी रज़वी क़ादरी बड़ा रहुवा बायसी पूर्णियाँ बिहार

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