मोहर्रम के दस अय्याम मे किसी दूसरे को एसाल सवाब कर सकते हैं या नहीं


सवाल सुना है मुहर्रम में सिर्फ हज़रत इमामे हुसैन और दीगर शोहदाए करबला रदियल्लाहु अन्हुम अजमईन को ईसाले सवाब कर सकते हैं और किसी को नहीं क्या यह बात दुरूस्त है ? 

जवाब जी नहीं आला हज़रत रदियल्लाहु अन्हु फरमाते हैं मुहर्रम वगैरह हर वक्ते ज़माना में तमाम अम्बिया अलैहिमुरसलातु वस्सलाम और औलियाए किराम की नियाज़ और हर मुसलमान की फातिहा जाइज़ है अगर चे खास आशूरा का दिन हो

📕(फतावा रज़विया शरीफ जिल्द 24 सफा 499)

मजीद इरशाद फरमाते हैं इन अय्याम में सिवाए इमामे हसन व इमामे हुसैन रदियल्लाहु अन्हुमा के सिवा किसी की नियाज़ फातिहा न दिलाना जेहालत है। हर महीना हर तारीख में हर वली की नियाज़ और हर मुसलमान की फातिहा हो सकती हैं

📕(फतावा रज़विया शरीफ जिल्द 11 सफा 489)

कत्बा अल अब्द खाकसार नाचीज़ मोहम्मद शफीक़ रजा़ रज़वी ख़तीब व इमाम सुन्नी मस्जिद हज़रत मन्सूर शाह रहमतुल्लाह अलैहि बस स्टैंड किशनपुर जि़ला फतेहपुर उत्तर प्रदेश

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