⚘ फज़ाइल व मसाइल ईद उल अज़हा ⚘


 ⚘❆ अहादीस ए करीमा ❆ ⚘

•••➲ उम्मुल मोमिनीन हज़रत आइशा सिद्दीाक़ा رضى الله تعالى عنها से रिवायत है कि हुज़ूर ए अक़दस صلى الله تعالى عليه وسلم ने इरशाद फ़रमाया कह यौमुन्नहर (दसवें जिल्हिज्जा) में इब्न ए आदम का कोई अमल खुदा के नज़दीक खूं बहाने ( क़ुर्बानी करने) से ज़ियादह प्यारा नहीं और वो जानवर क़यामत के दिन अपने सिंग और बाल और खुरों के साथ आयेगा और क़ुर्बानी का खूं ज़मींम पर गिरने से क़ब्ल खुदा के नज़दीक मक़ाम ए क़ुबूल में पहुँच जाता है लिहाज़ा इस को खुश दिली से करो

📬 अबु दाऊद / तिर्मिज़ी / इब्न ए माजाह 📔

•••➲ हज़रत इमाम हसन बिन अली رضى الله تعالى عنهما से रिवायत है कि हुज़ूर صلى الله تعالى عليه وسلم ने फ़रमाया जिस ने ख़ुशी से तालिब ए सवाब हो कर क़ुर्बानी की वो आतिश ए जहन्नम से हिजाब (रोक) हो जायेगी

•••➲ हज़रत अब्दुल्लाह बिन अब्बास رضى الله تعالى عنهما से रियावत है कि हुज़ूर صلى الله تعالى عليه وسلم ने इरशाद फ़रमाया जो रूपया ईद के दिन क़ुर्बानी में खर्च किया गया उस से ज्यादा कोई रूपया प्यारा नहीं

कत्बा अल अब्द खाकसार नाचीज़ मोहम्मद शफीक़ रजा़ रज़वी ख़तीब व इमाम सुन्नी मस्जिद हज़रत मन्सूर शाह रहमतुल्लाह अलैहि बस स्टैंड किशनपुर जि़ला फतेहपुर उत्तर प्रदेश

Post a Comment

और नया पुराने