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ISLAMI MALUMAT

मरकज़-ए-तहक़ीक़ व इफ़्ता
शरई फ़तवा दस्तावेज़

सवाल: शबे बरात में हल्वा बनाना और उसमें फातिहा दिलवाना कैसा

तारीख़: मंगलवार, नवंबर 01, 2022


सवाल हज़रत क्या शबे-बराअत के रोज़ हलवा बनाना और उस पर फ़ातिहा दिलाना जाइज़ है?

जवाब यूँ तो हलवा बनाना किसी दिन भी जाइज़ है मगर आपके सवाल के मुताबिक़ ख़ास शबे-बराअत के दिन बनाना और उस पर फ़ातिहा दिलाना यह भी जाइज़ है जैसा के जन्नती ज़ेवर में है किबे बरात में हलवा पकाया जाता है और उसपर फ़ातिहा दिलाई जाती है, हलवा पकाना भी जाइज़ है, और उस पर फ़ातिहा दिलाना ये ईसाले सवाब में दाख़िल है, लिहाज़ा ये भी जाइज़ है

📗 जन्नती ज़ेवर सफ़ह 330)

अज़ क़लम 🌹 खाकसार नाचीज़ मोहम्मद शफीक़ रज़ा रिज़वी खतीब व इमाम (सुन्नी मस्जिद हज़रत मनसूर शाह रहमतुल्लाह अलैह बस स्टॉप किशनपुर अल हिंद)

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