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ISLAMI MALUMAT

मरकज़-ए-तहक़ीक़ व इफ़्ता
शरई फ़तवा दस्तावेज़

सवाल: क्या नमाज़ तहज्जुद बगैर सोये पढ़ सकते हैं

तारीख़: सोमवार, नवंबर 14, 2022


सवाल क्या तहज्जुद की नमाज़ बगैर सोये पढ़ सकते हैं जवाब इनायत करें

जवाब तहज्जुद के लिए रात में सोना शर्त़ है सो कर उठने के बाद इंसान जो नमाज़ पढ़ता है उसे ही तहज्जुद कहते हैं इसी तरह फ़क़ीहे आज़म हुज़ूर सदरुश्शरिअह मुफ्ती अमजद अली साहब आज़मी अलैहिर्रह़मा तह़रीर फरमाते हैं के सलातुल लैल की एक क़िस्म तहज्जुद है इशा के बाद रात में सो कर उठें और नवाफ़िल पढ़ें सोने से पहले जो कुछ पढ़ें वह तहज्जुद नहीं

📚बहारे शरीयत जिल्द 01 सफ्ह नः {677} 

अज़ क़लम 🌹 खाकसार नाचीज़ मोहम्मद शफीक़ रज़ा रिज़वी खतीब व इमाम (सुन्नी मस्जिद हज़रत मनसूर शाह रहमतुल्लाह अलैह बस स्टॉप किशनपुर अल हिंद)

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