अहम ऐलान
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ISLAMI MALUMAT

मरकज़-ए-तहक़ीक़ व इफ़्ता
शरई फ़तवा दस्तावेज़

सवाल: क्या हर जुमा रूहें घर आती है

तारीख़: गुरुवार, अक्टूबर 20, 2022


सवाल

एक सवाल है के क्या शबे बराअत में मरने वालों की रुह़े घरों में आती हैं हवाले के साथ जवाब इनायत करें

जवाब

बेशक मोमिनीन की रुह़ें हर शबे जुमां, यानी जुमेरात के दिन, ईद के दिन, आशूरा के दिन, और शबे बराअत को अपने घर आकर बाहर खड़ी रहती हैं और हर रुह़ बलंद आवाज़ से निदा करती है के ऐ मेरे घर वालों ऐ मेरी औलाद ऐ मेरे क़ुरबत दारो सदक़ा कर के हम पर महरबानी करो

📗 सुन्नी बहिश्ती ज़ेवर 📚 फतावा रज़वियह शरीफ़ जिल्द 9 सफह 651

अज़ क़लम 🌹 खाकसार नाचीज़ मोहम्मद शफीक़ रज़ा रिज़वी खतीब व इमाम (सुन्नी मस्जिद हज़रत मनसूर शाह रहमतुल्लाह अलैह बस स्टॉप किशनपुर अल हिंद)

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