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ISLAMI MALUMAT

मरकज़-ए-तहक़ीक़ व इफ़्ता
शरई फ़तवा दस्तावेज़

सवाल: बीवी से खड़े होकर सोहबत करना कैसा

तारीख़: शनिवार, अक्टूबर 22, 2022

सवाल

एक सवाल ये है कि क्या कोई अपनी बीवी से खड़े हो कर सोहबत कर सकता है या नहीं और अगर नहीं तो फिर इस के क्या क्या नुकसान है? जवाब इनायत करें

जवाब हुक्मा (हकीमों) के मुताबिक़ खड़े खड़े मुबाशिरत करने से अगर औरत को ह़मल क़रार पा जाए तो औलाद बद दिमाग़ और बेवकूफ़ या पैदाइशी तौर पर नीम पागल होगी, और खड़े खड़े मुबाशिरत करने से हुक्मा (हकीमों) के क़ौल के मुताबिक़ कपकपी की बीमारी हो जाती है और बाज़ मरतबा कमर के सख़्त दर्द में मुब्तिला हो जाता है

📚 इरफ़ानुल ह़िकमत सफह 235 📗 क़रीना ए ज़िन्दगी, सफ़ह 113)

ख़ुलासा ये है कि जानवरों का तरीक़ा एख़्तियार करने के बजाए शरई तरीक़ा एख़्तियार करें, और दर्द व मर्ज़ और बद दिमाग़ औलाद से निजात पायें, पल दो पल की लज़्ज़त के लिए बीमारियों में मुब्तिला होने और बद दिमाग़ी और नीम पाग़ल औलाद का हुसूल अक़्ल मंदी नहीं बल्के अपने जिस्म व जान और औलाद को दाइमी (हमेशा) मुसीबत में मुब्तिला करना है और उसकी मुसीबत कोई और नहीं बल्के खुद भुगतना पड़ेगा लिहाज़ा इस्लामी तरीके से सोहबत करें जानवरों की तरह़ खड़े खड़े न करें

अज़ क़लम 🌹 खाकसार नाचीज़ मोहम्मद शफीक़ रज़ा रिज़वी खतीब व इमाम (सुन्नी मस्जिद हज़रत मनसूर शाह रहमतुल्लाह अलैह बस स्टॉप किशनपुर अल हिंद)

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