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ISLAMI MALUMAT

मरकज़-ए-तहक़ीक़ व इफ़्ता
शरई फ़तवा दस्तावेज़

सवाल: कुर्सी पर बैठ कर नमाज़ पढ़ना कैसा

तारीख़: गुरुवार, अक्टूबर 06, 2022


सवाल कुछ बुजुर्ग हज़रात मस्जिद में कुर्सी पर बैठकर नमाज़ पढ़ते हैं जबकि वो चल सकते हैं मगर ज्यादा देर खड़े नहीं रह सकते तो क्या वो बैठकर नमाज पढ़ सकते हैं

जवाब  हुज़ूर ताजुश्शरिअह अलैहिर्रहमा फ़रमाते हैं चलकर अगर खड़े होने पर कादिर है तो उस पर फ़र्ज़ है कि खड़े होकर वो तकबीरे तहरीमा कहे और जब तक खड़ा रह सकता है वो खड़ा रहे फिर उसको बैठने की इजाज़त है जिस तौर पर आसानी से वो ज़मीन पर बैठ सकता है बैठकर वो नमाज़ पढ़े कुर्सी पर बैठना, ये सख्त महले नज़र है कुर्सी का इस्तेमाल इस ग़रज़ के लिए नाजाइज़ है और ये चंद वजूह से एक तो ये जमाअत की जगह घेरना है और जमाअत की जगह इस तौर पर घेरना उससे तक़रीज़े जमाअत है ये नाजाइज़ है और फिर इसमें क़तअ सफ़ भी है यानी एक तो कुर्सी है जो सफ़ को मुनक़ते करती है फिर उस पर साहिब नमाज़ पढ़ रहे हैं वो अगरचे बज़ाहिर नमाज़ी हैं लेकिन दरअसल वो हक़ीक़तन नमाज़ी नहीं हैं उनकी नमाज़ नमाज़ नहीं है इसलिए कि जब वो चल सकते हैं अब कुर्सी पर बैठकर नमाज़ पढ़ रहे हैं तो एक तो क़याम छोड़ा यूं नमाज़ गई और अगर क़याम कर भी लिया और कुर्सी पर बैठकर अब सजदा किया इशारे से तो जो ज़मीन पर पेशानी रखकर सजदा कर सकता है उसका इशारे से सजदा करना सही नहीं इन दोनों सूरतों मैं कुर्सी पर बैठने वालों की नमाज़ सही नहीं होती कुर्सी का इस्तेमाल सख्त महलले नज़र है अल्लाह तबारक व तआला लोगों को तौफ़ीक़ दे कि वो अपनी इबादतों को रायग़ां न करें और इबादतों के अहकाम जानें और सही तौर पर अल्लाह तबारक व तआला की इबादत करें

📗 फ़िक़्ही मजालिस हिस्सा 01 सफ़ह 109)

अज़ क़लम 🌹 खाकसार नाचीज़ मोहम्मद शफीक़ रज़ा रिज़वी खतीब व इमाम (सुन्नी मस्जिद हज़रत मनसूर शाह रहमतुल्लाह अलैह बस स्टॉप किशनपुर अल हिंद)

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