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ISLAMI MALUMAT

मरकज़-ए-तहक़ीक़ व इफ़्ता
शरई फ़तवा दस्तावेज़

सवाल: काफिर नें कलिमां पढ़ा मगर इक़रार नहीं किया तो क्या हुक्म है

तारीख़: बुधवार, अक्टूबर 19, 2022


सवाल 

अगर क़ाज़ी के सामने काफिर नें कलिमां पढ़ा मगर अपने मुसलमान होने का इज़हार नहीं किया तो क्या उसको मुसलमान माना जाएगा

जवाब 

अगर दो मुसलमानों के सामने कलिमा पढ़ा तो वो मुसलमान है अगर चे किसी पर ज़ाहिर ना करे हां मगर अपने कुफ्रिया अक़ाइद व आमाल से बेज़ार रहे वरना इस्लाम से फिरा तो मआज़ अल्लाह मुर्तद के हुक्म में होगा

वल्लाह आलमु बिस्वास 

अज़ क़लम 🌹 खाकसार नाचीज़ मोहम्मद शफीक़ रज़ा रिज़वी खतीब व इमाम (सुन्नी मस्जिद हज़रत मनसूर शाह रहमतुल्लाह अलैह बस स्टॉप किशनपुर अल हिंद)

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