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मरकज़-ए-तहक़ीक़ व इफ़्ता
शरई फ़तवा दस्तावेज़

सवाल: मुस्तहब काम के लिये गुनाह की इजाज़त नही

तारीख़: गुरुवार, जून 16, 2022


मुस्तहब काम के लिये गुनाह की इजाज़त नही

याद रहे 40 दिन के अंदर नाख़ून तराशना बगलो और नाफ के निचे के बाल साफ़ करना ज़रूरी है 40 दिनसे ज़्यादा ताखीर गुनाह है

आला हज़रत अलैरहमा फरमाते है कि जिलहिज्जा के इब्तिदाई 10 दिन में नाख़ून वगैरा न काटने का हुक्म सिर्फ इस्तिहबाबी है करे तो बेहतर है न करे तो मुज़ायक़ा नही न इस को हुक्म ना फ़रमानी कह सकते है, न क़ुरबानी में खामी आने की कोई वजह

बल्कि अगर किसी शख्स ने 31 दिन से किसी उज़्र के सबब ख्वाह बिला उज़्र नाख़ून न तराशे हो की चाँद ज़िल हिज्जा का हो गया तो वो अगरचे क़ुरबानी का इरादा रखता हो इस मुस्तहब पर अमल नही कर सकता की अब 10वी तक रखेगा तो नाख़ून तरशवाए हुए 41 दिन हो जाएगा और 40 दिन से ज़्यादा न बनवाना गुनाह है फेल मुस्तहब के लिये गुनाह नही कर सकता


  📗फतावा रज़विय्या ज़िल्द 20 सफ्ह नः 353


✍🏻 अज़ क़लम 🌹 खाकसार ना चीज़ मोहम्मद शफीक़ रज़ा रिज़वी खतीब व इमाम (सुन्नी मस्जिद हज़रत मनसूर शाह रहमतुल्लाह अलैह बस स्टॉप किशनपुर अल हिंद)

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