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ISLAMI MALUMAT

मरकज़-ए-तहक़ीक़ व इफ़्ता
शरई फ़तवा दस्तावेज़

सवाल: क्या जो लोग नमाज़ न पढ़ें उन पर माली जुर्माना रख सकते हैं या नहीं ?

तारीख़: मंगलवार, अप्रैल 19, 2022

 


✎सुवाल

➤क्या जो लोग नमाज़ न पढ़ें उन पर माली जुर्माना रख सकते हैं या नहीं ? 

✎जवाब

➤हर अक़्लमंद, बालिग़, आज़ाद, क़ादिर मुसलमान पर जमाअत की नमाज़ वाजिब है और बहारे शरीयत में है बग़ैर उज़्र के एक बार भी छोड़ने वाला गुनाहगार और सज़ा का मुस्तहिक़ है लिहाज़ा जो लोग नमाज़ पढ़ते हैं मगर बिला उज़्र शरई जमाअत के लिए हाज़िर नहीं होते तो अहले बस्ती मसलिहते दीनी के तहत माली जुर्माना रख सकते हैं मगर माल वसूल करने की सूरत में माल को महफूज़ रखा जाए और तौबा के बाद माल को लौटा दिया जाएगा 


📚फ़तावा फ़क़ीहि मिल्लत जिल्द 1 सफ़ह 160

✍🏻 अज़ क़लम 🌹 खाकसार ना चीज़ मोहम्मद शफीक़ रज़ा रिज़वी खतीब व इमाम (सुन्नी मस्जिद हज़रत मनसूर शाह रहमतुल्लाह अलैह बस स्टॉप किशनपुर अल हिंद)

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