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ISLAMI MALUMAT

मरकज़-ए-तहक़ीक़ व इफ़्ता
शरई फ़तवा दस्तावेज़

सवाल: मस्जिद का सामान बेकार पड़ा हो तो क्या उसे बेच सकते हैं?

तारीख़: सोमवार, जनवरी 17, 2022

 




सवाल


क्या फ़रमाते हैं उल्मा ए किराम और मुफ़्तियाने अज़्ज़ाम इस मसअले पर कि अगर मस्जिद का सामान बेकार पड़ा हो और कमेटी वाले अगर किसी को बेचना चाहें तो क्या बेच सकते हैं???


जवाब


मस्जिद का सामान बेच कर कीमत मस्जिद में लगाएं तो बेचना जाइज़ है वरना नहीं, 


जैसा कि हुज़ूर फिक़्ह मिल्लत मुफ़्ति जलालुद्दीन अह़मद अमजदी अलैहिर्रह़मह तह़रीर फ़रमाते हैं कि 

मस्जिद का वो सामान जो मस्जिद का लिए कार आमद नहीं है तो उसे बेच कर उस पैसे को मस्जिद में लगाना जाइज़ है और मुसलमान के हाथ इस शर्त के साथ बेचें कि वो बे अदबी की जगह न लगाए और वो मिट्टी जो मस्जिद से उठाई जाए उसे ऐसी जगह डाल दें जहां बे अदबी न हो।

आला ह़ज़रत इमाम अह़मद रज़ा ख़ान अलैहिर्रह़मह

से पूछा गया कि मस्जिद की कोई चीज ऐसी हो कि खराब हो जाती है और उसको बेच कर उसकी कीमत मस्जिद में दें और वो चीज अगर दूसरा आदमी कीमत दे कर मस्जिद की चीज अपने मकान पर रखे तो उसको जाइज़ है या नहीं? फ़रमाया जाइज़ है मगर बे अदबी की जगह न लगाई जाए।

📚दुर्रे मुख़्तार में है 


حشیش المجسد وکناسۃ لا یلقیٰ فی موضع یخل باالتعظیم


 यानी मस्जिद की घास और कूड़ा ऐसी जगह न डालें जहां बे अदबी हो।

📚(फ़तावा अफरीका) और मस्जिद की वो लकड़ी जो रखने में खराब हो जायेगी और जलाने के अलावा किसी दूसरे काम में भी नहीं आ सकती तो उसका बेचना जाइज़ है मगर खरीदने वाला मुसलमान न उसे उपलो (गोबर) के साथ रखे और न उनके साथ जलाए।



ब हवाला फ़तावा फैजुर्रसूल ज़िल्द 02 सफा नः364



. والله تعالى اعلم باالــــــصـــــواب



कत्बा मोहम्मद रेहान रजा़ किशनगंज बिहार 

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