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ISLAMI MALUMAT

मरकज़-ए-तहक़ीक़ व इफ़्ता
शरई फ़तवा दस्तावेज़

सवाल: क्या क्रीम लगा कर नमाज़ पढ़ना दुरुस्त है ❓

तारीख़: गुरुवार, जनवरी 06, 2022

 



सवाल 



उम्मीद करता हूं कि आप खैरियत से होंगे मेरा सवाल आपसे है कि क्या मैं बोरो प्लस या बोरोलीन लगा कर नमाज़ पढ़ूं तो मेरी नमाज़ दुरुस्त होगी या नहीं ❓


साईल मोहम्मद नासिर रज़ा ईसमाइली (गोंडा)


जवाब


बोरो प्लस और बोरोलीन में अव्वलन यही साबित नहीं है कि ईस्प्रिट (शराब की एक किस्म है जो दवाइयों में मिलाई जाती है) या कोई हराम अजज़ा की अमेज़श है और जब सुबूत यक़ीनी ही नहीं है तो इस सूरत में इसका इस्तेमाल भी हराम नहीं है


जैसा की फतावा बहरुल उलूम जिल्द पंजुम सफा 364 में अंग्रेजी दवाएं फौटन पेन की रौशनाई में ईस्प्रिट मिलाई जाती है की नही के जवाब में इरशाद फरमाते हैं ⤵️


स्पर्ट मिलाने का सबूत यक़ीनी नहीं है इसलिए इसका इस्तेमाल हराम नहीं है


इमाम मोहम्मद फरमाते हैं ⤵️


 به ناخذمالم تعرف شئياحرام بعينه وهوقول ابى حنيفة واصحابه 


हां अगर किसी फर्द के मुतअलिक़ बिल यक़ीन , मालूम हो जाए तो उसका इस्तेमाल अलबत्ता ममनुअ होगा


इसलिए बोरो प्लस बोरोलीन और किसी दूसरी क्रीम के मुतअल्लिक़ जब तक यक़ीन के साथ मालूम ना हो जाए कि ईस्प्रिट या कोई हराम अजज़ा मिली हुई है उस वक़्त तक उसका इस्तेमाल जायज़ है जब जायज़ है तो उसे लगा कर नमाज़ अदा करने में कोई हर्ज नहीं है


अलबत्ता बगैर बोरोलीन और बोरो प्लस के इस्तेमाल किए नमाज़ पढ़ना अहवत ज़रूर है क्योंकि فی زماننا تعصبانہ तौर पर निजासतों की मिलावट का ज़्यादा इम्कान है فلہٰذا अगर उनके इस्तेमाल की कोई सही गर्ज़ ना हो तो इहतियात ही उला है


        والله اعلم بالصواب


✍🏻 अज़ क़लम हज़रत मुफ्ती मोहम्मद रज़ा अमजदी साहब किबला मद्दज़ूल आली वन्नूरानी (दारुल उलूम रज़विया बड़ा बरियारपुर मोतिहारी मशरक़ी चंपारण बिहार)



✍🏻 हिंदी ट्रांसलेट  मोहम्मद रिज़वानुल क़ादरी सेमरबारी (दुदही कुशीनगर उत्तर प्रदेश)

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