नमाज़ में वुज़ू टूट जाए तो क्या करें?
सवाल: क्या फ़रमाते हैं उलमा-ए-किराम इस मसले के बारे में कि अगर कोई शख्स जमाअत के साथ नमाज़ पढ़ रहा हो और नमाज़ के दौरान उसका वुज़ू टूट जाए, तो उसे क्या करना चाहिए? क्या वह उसी हालत में नमाज़ पूरी कर सकता है या नमाज़ छोड़कर दोबारा वुज़ू करना जरूरी होगा?
साइल मोहम्मद तौसीफ अहमद बांदा
जवाब: अगर नमाज़ के दौरान किसी शख्स का वुज़ू टूट जाए तो उसकी नमाज़ जारी रखना जायज़ नहीं। ऐसी सूरत में वह नमाज़ से निकल जाए और वुज़ू करके दोबारा नमाज़ अदा करे
अगर वह जमाअत में इमाम के पीछे नमाज़ पढ़ रहा था, तो वुज़ू करने के बाद अगर जमाअत बाकी हो तो दोबारा जमाअत में शामिल हो सकता है। और अगर जमाअत खत्म हो चुकी हो तो अकेले नमाज़ पूरी करे
इसलिए नमाज़ के लिए खड़े होने से पहले वुज़ू के सही होने का इत्मीनान कर लेना चाहिए। नमाज़ के दौरान वुज़ू टूट जाने की सूरत में नमाज़ जारी रखना सही नहीं बल्कि वुज़ू करके नमाज़ दोबारा अदा करना जरूरी है
वल्लाहो आलमु बिस्सवाब
कत्बा अल अब्द खाकसार नाचीज़ मोहम्मद शफीक़ रजा़ रज़वी खतीब व इमाम सुन्नी मस्जिद हजरत मन्सूर शाह रहमातुल्ला अलैहि बस स्टैंड किशनपुर जिला फतेहपुर उत्तर प्रदेश
