सवाल: क्या फ़रमाते हैं उलमा-ए-किराम इस मसअले के बारे में कि अगर एक शख्स इमाम के पीछे जमाअत से नमाज़ पढ़ रहा हो तो उसे इमाम के कहाँ खड़ा होना चाहिए? और अगर सिर्फ़ एक मुक़्तदी हो तो वह इमाम के दाईं तरफ़ खड़ा होगा या पीछे?
जवाब: अगर इमाम के साथ सिर्फ़ एक ही मुक़्तदी हो तो वह इमाम के पीछे अकेला खड़ा नहीं होगा, बल्कि इमाम के दाईं तरफ़ खड़ा होगा। दोनों इस तरह खड़े हों कि मुक़्तदी का क़दम इमाम के क़दम से कुछ पीछे रहे
और अगर दो या उससे ज़्यादा मुक़्तदी हों तो वे इमाम के पीछे सफ़ बनाकर खड़े होंगे। सफ़ को सीधा रखना और आपस में क़दम मिलाकर खड़ा होना भी सुन्नत है। मुक़्तदियों को चाहिए कि सफ़ में बेवजह जगह खाली न छोड़ें और इमाम की इक्तिदा में नमाज़ अदा करें
अगर कोई शख्स अकेला नमाज़ पढ़ रहा हो और बाद में दूसरा शख्स जमाअत में शामिल होना चाहे, तो वह इमाम के दाईं तरफ़ खड़ा हो सकता है। इमाम को चाहिए कि वह मुक़्तदी के लिए जगह बनाने की गरज़ से थोड़ा आगे हो जाए
लिहाज़ा जमाअत में सफ़ की दुरुस्ती का ख़ास ख़याल रखना चाहिए, क्योंकि नमाज़ में इमाम और मुक़्तदी का सही तरीक़े से खड़ा होना भी अहम मसअला है
वल्लाहो आलमु बिस्सवाब
कत्बा अल अब्द खाकसार नाचीज़ मोहम्मद शफीक़ रजा़ रज़वी खतीब व इमाम सुन्नी मस्जिद हजरत मन्सूर शाह रहमातुल्ला अलैहि बस स्टैंड किशनपुर जिला फतेहपुर उत्तर प्रदेश
