जवाब:घर में या बाहर खाना खाते वक़्त बिस्मिल्लाह शरीफ़ पढ़ना सुन्नत है। इसलिए मुसलमान को चाहिए कि खाना शुरू करने से पहले بِسْمِ اللّٰهِ पढ़े और अल्लाह तआला का नाम लेकर खाना शुरू करे
हदीस शरीफ़ में हज़रत उमर बिन अबी सलमा رضی اللہ عنہما से मरवी है कि रसूलुल्लाह ﷺ ने उन्हें खाना खाते हुए नसीहत फ़रमाई:
يَا غُلَامُ سَمِّ اللَّهَ وَكُلْ بِيَمِينِكَ وَكُلْ مِمَّا يَلِيكَ
यानी: ऐ लड़के अल्लाह का नाम लो अपने दाहिने हाथ से खाओ और अपने सामने से खाओ
(सहीह बुख़ारी, सहीह मुस्लिम)
इसलिए खाना शुरू करते वक़्त بِسْمِ اللّٰهِ कहना सुन्नत है। अगर कोई शख़्स भूल गया और खाना शुरू कर दिया, तो जब याद आए उस वक़्त यह पढ़े:
بِسْمِ اللّٰهِ أَوَّلَهُ وَآخِرَهُ
यानी: “अल्लाह के नाम से, इसके शुरू में भी और आख़िर में भी
अलबत्ता जान-बूझकर बिस्मिल्लाह छोड़ना अच्छी बात नहीं क्योंकि खाने जैसे रोज़मर्रा के काम में भी सुन्नत पर अमल करना चाहिए। इसी तरह खाना दाहिने हाथ से अपने सामने से और अदब के साथ खाना चाहिए
मुसलमान को चाहिए कि खाने से पहले बिस्मिल्लाह पढ़ने की पाबंदी करे और अपने घर के बच्चों को भी इसकी तालीम दे ताकि यह सुन्नत उनके रोज़मर्रा के मामूल का हिस्सा बन जाए
वल्लाहो आलमु बिस्सवाब
कत्बा अल अब्द ख़ाकसार नाचीज़ मोहम्मद शफीक़ रजा़ रज़वी खतीब व इमाम सुन्नी मस्जिद हजरत मन्सूर शाह रहमातुल्ला अलैहि बस स्टैंड किशनपुर जिला फतेहपुर उत्तर प्रदेश
