अहम ऐलान
दारुल इफ़्ता में आपका ख़ैर मक़दम है। अपने दीनी व शरई सवालात के मुस्तनद जवाबात के लिए सवाल भेजें।

ISLAMI MALUMAT

मरकज़-ए-तहक़ीक़ व इफ़्ता
शरई फ़तवा दस्तावेज़

सवाल: क्या गुस्ल के बाद वुजू करना जरूरी है?

तारीख़: रविवार, अगस्त 10, 2025

सवाल क्या ग़ुस्ल करने के बाद नमाज़ के लिए दोबारा वुज़ू करना ज़रूरी है?

जवाब: ग़ुस्ल करने के बाद नमाज़ के लिए दोबारा वुज़ू करने की जरूरत नहीं है जैसा कि फतावा मरकज़ तर्बियत इफ़्ता में है ग़ुस्ल करने के बाद नमाज़ के लिए दोबारा वुज़ू करने की जरूरत नहीं है बशर्ते कि ग़ुस्ल के बाद कोई हदस (वुज़ू तोड़ने वाली चीज़) न हो

जैसा कि हदीस शरीफ़ में है उम्मुल मोमिनीन हज़रत आयशा सिद्दीक़ा (रज़ि.) से रिवायत है कि वह फ़रमाती हैं

रसूलुल्लाह ﷺ ग़ुस्ल के बाद वुज़ू नहीं करते थे। हदीस के अल्फ़ाज़ यह हैं हज़रत आयशा (रज़ि.) फ़रमाती हैं: नबी ﷺ ग़ुस्ल के बाद वुज़ू नहीं करते थे।(मिश्कात बाबुल ग़ुस्ल, सफा नः 48)

और दूसरी हदीस में है:जो शख्स ग़ुस्ल के बाद वुज़ू करे वह मुझसे नहीं है(कंजुल उम्माल, हदीस नंबर 26249, जि. 9)

(फ़तावा मरकज़ तर्बियत इफ़्ता, जिल्द 1, सफा नः 101 बाबुल ग़ुस्ल)

कत्बा नाचीज़ मोहम्मद शफीक़ रजा़ रज़वी खतीब व इमाम सुन्नी मस्जिद हजरत मन्सूर शाह रहमातुल्ला अलैहि बस स्टैंड किशनपुर जिला फतेहपुर उत्तर प्रदेश 


सवाब-ए-जारिया की नीयत से शेयर करें:

दारुल इफ़्ता में अपना शरई सवाल भेजें

संबंधित अन्य फ़तावा:

फ़तावा लोड हो रहे हैं...

फ़िक़्ही अबवाब व विषय सूची