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ISLAMI MALUMAT

मरकज़-ए-तहक़ीक़ व इफ़्ता
शरई फ़तवा दस्तावेज़

सवाल: औरत का बगैर महरम के सफर करना कैसा

तारीख़: रविवार, अप्रैल 16, 2023


सवाल औरत को शौहर और मेहरम के बग़ैर तीन दिन तक का सफ़र करना कैसा है

अल जवाब शौहर और मर्दे मेहरम के बग़ैर औरत को तीन दिन और उससे ज़्यादा का सफ़र करना दुरुस्त नहीं, बल्कि नाजाइज़ है, हां अगर तीन दिन से कम का सफ़र है, तो उस वक़्त जाइज़ है जबकि किसी नेक मर्द या बच्चा के साथ सफ़र करे

जैसा कि रद्दुल मोहतार में है

अरबी इबारत असल किताब में मुलाहिज़ा हो

📗 रद्दुल मोहतार जिल्द 9 सफ़ह 559, बाबुल इस्तबरअ्)

और बहारे शरिअत में है

औरत को बग़ैर शौहर या मेहरम के तीन दिन या ज़्यादा का सफ़र करना ना जाइज़ है, और तीन दिन से कम का सफ़र अगर किसी मर्दे सालेह या बच्चा के साथ करे तो जाइज़ है, बांदी के लिए भी यही हुक्म है

📘 बहारे शरिअत हिस्सा 16 सफ़ह 251)

📔 औरतों के जदीद और अहम मसाइल सफ़ह 160---161)

कत्बा अल अब्द खाकसार नाचीज़ मोहम्मद शफीक़ रजा़ रज़वी ख़तीब व इमाम सुन्नी मस्जिद हज़रत मन्सूर शाह रहमतुल्लाह अलैहि बस स्टैंड किशनपुर जि़ला फतेहपुर उत्तर प्रदेश

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