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ISLAMI MALUMAT

मरकज़-ए-तहक़ीक़ व इफ़्ता
शरई फ़तवा दस्तावेज़

सवाल: मरने के बाद जिन्दा होने का मतलब क्या है ?

तारीख़: सोमवार, मार्च 13, 2023

सवाल मरने के बाद जिन्दा होने का मतलब क्या है ?

जवाब मरने के बाद जिन्दा होने का मतलब यह है कि क़ियामत के दिन जब ज़मीन, आसमान, इन्सान और फ़रिश्ते वगैरा सब फ़ना हो जाएंगे तो फिर खुदा ए तआला जब चाहेगा हज़रते इसराफील अलैहिस्सलाम को जिन्दा फरमाएगा वह दोबारा सूर फेंकेगे तो सब चीजें मौजूद हो जाएंगी। फ़रिश्ते और आदमी वगैरा सब ज़िन्दा हो जाएंगे मुरदे अपनी अपनी कबरों से उठेंगे, हश्र के मैदान में खुदा ए तआला के सामने पेशी होगी, हिसाब लिया जाएगा और हर शख्स को अच्छे बुरे कामों का बदला दिया जाएगा यानी अच्छों को जन्नत मिलेगी और बुरों को जहन्नम में भेज दिया जाएगा हिसाब और जन्नत व दोजख हक़ हैं उनका इन्कार करने वाला काफ़िर है

📚बहारे शरीअत 📗अनवारे शरीअत पेज़ 14--15)

कत्बा अल अब्द खाकसार नाचीज़ मोहम्मद शफीक़ रजा़ रज़वी ख़तीब व इमाम सुन्नी मस्जिद हज़रत मन्सूर शाह रहमतुल्लाह अलैहि बस स्टैंड किशनपुर जि़ला फतेहपुर उत्तर प्रदेश

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