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ISLAMI MALUMAT

मरकज़-ए-तहक़ीक़ व इफ़्ता
शरई फ़तवा दस्तावेज़

सवाल: कुछ गलत नामों की निशानदेही❓

तारीख़: रविवार, सितंबर 04, 2022


कुछ गलत नामों की निशानदेही❓

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कुछ लोग अपने बच्चों के नाम, अहमद नबी, मुहम्मद नबी, रसूल अहमद, नबी अहमद रख देते हैं, यह ग़लत है इसके बजाय गुलाम मुहम्मद या गुलाम रसूल या गुलाम नबी कर लें या मुहम्मद नबी और अहमद नबी में नबी के आगे 'ह' बढ़ा कर मुहम्मद नबीह या अहमद नबीह कर लें 

गफूरुद्दीन नाम रखना भी ग़लत है क्यूँकि गफूर के माअना मिटा देने वाले के हैं लिहाज़ा गफूरुद्दीन के माअना हुए दीन को मिटाने वाला' लाहौला वला .कुव्वता इल्ला बिल्लाह अल्लाह जल्ला शानुहू का नाम गफूर इसलिए है कि वह गुनाहों को मिटाता है, नाम रखने से मुताल्लिक क्या जाइज़ है और क्या नाजाइज़ इसको तफसील से जानने के लिए आलाहज़रत मौलाना शाह इमाम अहमद रज़ा ख़ाँ अलैहिर्रहमतो वरिंदवान की तसनीफ मुबारक 📙अहकामे शरीअत में सफा ७२ से सफा ६८ तक का मुतालआ करना चाहिए

 नोट कुछ लोगों के नाम इस किस्म के होते हैं जिनमें अल्लाह तआला के मखसूस नामों के साथ अब्द लगा होता है जैसे अब्दुल्लाह, अब्दुर्रहमान अब्दुर्रज़्ज़ाक अब्दुल खालिक वगैरहा तो इन नाम वालों को बगैर अब्द लगाये ख़ाली रहमान रज्जाक या ख़ालिक हरगिज़ नहीं कहना चाहिए और यह इस्लाम में बहुत बुरी बात है जिसका ध्यान करना निहायत ज़रूरी है । वलइयाजुबिल्लाहि तआला 

📚 (ग़लत फहमियां और उनकी इस्लाह, सफ़्हा न.148)

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✍🏻 अज़ क़लम 🌹 खाकसार ना चीज़ मोहम्मद शफीक़ रज़ा रिज़वी खतीब व इमाम (सुन्नी मस्जिद हज़रत मनसूर शाह रहमतुल्लाह अलैह बस स्टॉप किशनपुर अल हिंद)

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