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ISLAMI MALUMAT

मरकज़-ए-तहक़ीक़ व इफ़्ता
शरई फ़तवा दस्तावेज़

सवाल: किसी मुसलमान को काफिर कहना कैसा

तारीख़: सोमवार, मार्च 21, 2022

 


सवाल


किसी मुसलमान को काफिर कहना कैसा है और जो कहे उसके लिए क्या हुक्म है


जवाब


अगर कोई ऐसेे शख्स को काफिर कहे जो हक़ीक़त में मुसलमान है, तो कुफ्र उसी पर पलट आता है और उसे काफिर कहने वाला खुद काफिर हो जाता है ह़दीस शरीफ में है कि जिसने अपने भाई को काफिर कहा तो वो कुफ्र खुद उस पर पलट आया, हाँ जो नाम का मुसलमान हो मगर हकीकत में मुरतद मुनाफिक़ हो, यानि के कलिमा ला इलाहा इल्लल्लाह पढ़ता हो मगर खुदा व रसूल सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम की शान में या किसी भी नबी की तौह़ीन करता हो या ज़रुरियाते दीन में से किसी बात का इंकार करता हो तो वो काफिर है और उसे काफिर कहने में कोई हरज नहीं, क्योके क़ुरआन मजीद की सूरह काफ़िरून, में काफ़िरों को काफ़िर कहा गया है


📚फतावा फ़क़ीहे मिल्लत जिल्द 1 सफह 7

📚फतावा अम्जदिया जिल्द 4 सफह 408


✍🏻 अज़ क़लम 🌹 खाकसार ना चीज़ मोहम्मद शफीक़ रज़ा रिज़वी खतीब व इमाम (सुन्नी मस्जिद हज़रत मनसूर शाह रहमतुल्लाह अलैह बस स्टॉप किशनपुर अल हिंद)

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