जबरदस्ती निकाह का हुक्म❓


सवाल

किया फरमाते हैं उलमा ए दीन मुफ्तीयान ए किराम इस मसला में एक लड़की का जबर्दस्ती निकाह हो गया है हालांकि लड़की उस निकाह के लिए राज़ी नहीं थी लेकिन फिर भी उसका निकाह करवा दिया गया इसके बारे में क्या हुक्म है जवाब अता फरमाएं जज़ाकल्लाह खैरा❓


 साईल ➡️ मोहम्मद साजिद रज़ा बिंदकी फतेहपुर यू/पी


जवाब👇


 जबरदस्ती निकाह करने की सूरत मैं अगर ज़बान से कुबूल कर लिया तो निकाह हो जाएगा चुनांचे दुर्रे मुख्तार में है ⤵️


وصیح نکاحہ وطلاقہ وعلدہ لو بالقول لا بالفصل


 (हवाला दुर्रे मुख्तार जिल्द ५ सफा ८६)


और अल्लामा इब्न आबिद बिन शामी अलैहिर्रहमा फरमाते हैं ⤵️

حقیقتہ الرضاء غیر مشروطتہ النکاح لعمحہ مع الا کراہ والھرل


(बहवाला दुर्रे मुख्तार जिल्द २ सफा २७१)


और नूरुल अनवार में है ⤵️


 فان کان القول مما لا یطسع ولا یعوقف علی الرضاء ونم یمطل بالکرہ و کا لطلاق ونحوہ من المفافی و النکاح


(हवाला नूरूल अनवार सफा ३१६)


और हज़रत सदरूश्शरिया बदरूत्तरिक़ा अल्लामा मुफ्ती अमजद अली अलैहिर्रहमा निकाह व तलाक़ व ईताक़ पर आकर और हो यानी धमकी देकर एजाब व क़ुबूल कराया या तलाक़ के अल्फाज़ कहलवा ए या गुलाम को आज़ाद कराया तो यह सब सही हो जाएंगे


(हवाला बहारे शरीयत जिल्द ५ सफा ९)


लिहाज़ा सूरते मसउला में ज़ैद का निकाह हिंदा से निकाह सही हो गया


 (हवाला फतावा ए अलिमीया जिल्द २ सफा ३७/३८)


🌷والله و رسولہ اعلم باالصواب🌷


✍🏻 अज़ क़लम 🌹 खाकसार ना चीज़ मोहम्मद शफीक़ रज़ा रिज़वी खतीब व इमाम (सुन्नी मस्जिद हज़रत मनसूर शाह रहमतुल्लाह अलैह बस स्टॉप किशनपुर अल हिंद)

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