अहम ऐलान
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ISLAMI MALUMAT

मरकज़-ए-तहक़ीक़ व इफ़्ता
शरई फ़तवा दस्तावेज़

सवाल: रोजा हजारी और रोजा लख्खी का क्या हुक्म है

तारीख़: रविवार, अक्टूबर 30, 2022


सवाल रजब की 26 और 27 तारीख़ को ज़्यादा तर औरतें रोज़ा रखती हैं पहले को हज़ारी रोज़ा और दूसरे को लक्खी रोज़ा कहती हैं यानी पहले में हज़ार रोज़े का सवाब और दूसरे में एक लाख का सवाब बताती हैं इन रोज़ों के रखने में कोई हर्ज तो नहीं है और ये जो सवाब के मुतअल्लिक़ मशहूर है इसका कोई सुबूत है रहनुमाई फरमाएं ? 

जवाब रोज़ा रखने में कोई हर्ज नहीं मगर ये जो सवाब के मुतअल्लिक़ मशहूर है कि इतना ही सवाब मिलता है इसका कोई सुबूत नहीं 

📚बहारे शरीयत हिस्सा 16 सफ़ह 247

अज़ क़लम 🌹 खाकसार नाचीज़ मोहम्मद शफीक़ रज़ा रिज़वी खतीब व इमाम (सुन्नी मस्जिद हज़रत मनसूर शाह रहमतुल्लाह अलैह बस स्टॉप किशनपुर अल हिंद)

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