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ISLAMI MALUMAT

मरकज़-ए-तहक़ीक़ व इफ़्ता
शरई फ़तवा दस्तावेज़

सवाल: हैज़ वाली औरत तय्यम्मुम कर के नमाज़ पढ़ सकती है या नही

तारीख़: रविवार, जनवरी 30, 2022



 ✿➺ सुवाल


औरत अगर हैज़ या निफास से पाक हो जाए फिर उसे बजू या गुसल करने के लिए पानी मुयस्सर ना हो तो क्या वो नमाज़ पढ़ सकती है?



❀➺ जवाब


अगर तयम्मुम की शराइत पाई जाए तो, पानी ना होने पर हैज़ वाली औरत नमाज़ के लिए तयम्मुम करे


📗बहारे शरीअत जिल्द:1, सफा:352, पर है औरत हैज़ निफास से पाक हुई और पानी पर कादिर नही तो तयम्मुम करे



📚ह़वाला पर्दादारी, सफा नं.59

     

✒️मौलाना अब्दुल लतीफ न‌ईमी रज़वी क़ादरी बड़ा रहुवा बायसी पूर्णियाँ बिहार

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