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मरकज़-ए-तहक़ीक़ व इफ़्ता
शरई फ़तवा दस्तावेज़

सवाल: औरतों को नसबंदी कराना कैसा

तारीख़: बुधवार, जनवरी 26, 2022


 ✿➺ सुवाल


औरत की नसबंदी कराना कैसा है, क्या copper - T लगवा सकते है ?





❀➺ जवाब


नसबंदी चाहे औरत की हो या मर्द की करना और करवाना हराम है, गुनाहै कबीरा है, और हदीसे- पाक से इसकी मुमानियत साबित है,

अगर ये दोनो किसी बच्चे की विलादत नही चाहते तो, आरजी तरीके इस्तेमाल करने चाहिए. (कन्डोम या दवा) ताकि आगे उम्मीद के दरवाजे खुले रहै. और नसबंदी करवाना यानी हमेशा के लिए औलाद की उम्मीद से महरूम रह जाना है


📓 फतावा फैज़रुरसूल जिल्द:02, सफा:580, पर है


दवा या रबर की थैली (कॉन्डम) इस्तेमाल करना जाइज़ है, लेकिन किसी अमल से हमेशा के लिए बच्चा पैदा करने की सलाहियत को ख़तम कर देना जाइज़ नही, मान लीजिए अगर किसी के 4 बच्चे है, अब ये सोचते है, की इन्हे आगे बच्चो की ज़रूरत नहीं, और ये नसबंदी करवा ले, खुदा ना करे, किसी हादसे या बीमारी मे सारे बच्चे मर गये तो? अब क्या करेगा, और औरत को बच्चो की ख्वाइश हुई तो? या मर्द ने नसबंदी करवाई, और बीवी मर गई अब दूसरा निकाह करना चाहै और दूसरी औरत औलाद माँगे तो क्या करेगा? या औरत की नसबंदी करवा दी, और शोहर मर गया, या दोनो की तलाक़ हो गई, और औरत या शोहर दूसरा निकाह करना चाहै तो क्या करेगी, क्यूंकी इन्होने तो वो रास्ता अपनाया जिसमे आगे उम्मीद के सारे दरवाजे बंद हैं, इससे घर बिगड़ने की नौबत आएगी, और जिंदगी भर अपनी औलाद से महरूमी, हाँ अगर ये दोनो कोई आरज़ी तरीक़ा यानी (कॉन्डम, मेडिसीयन,) का इस्तेमाल करे तो बेहतर है, की इससे मक़सद वही हासिल होगा और आगे कोई ऊँच नीच होती है, तो घर नही बिगड़ेगा, उम्मीद है, आप मेरी बात समझ गये होगे, की दूसरी चीज़े इस्तेमाल की जाएँ, नसबंदी के अलावा बाकी दूसरे समान जाइज़ है, (जबकि दोनो की रिज़ामंदी हो)


👉🏻 कॉपर T यानी एक ऐसा आला होता है, जो औरत के जिस्म मे इस्तेमाल होता है, इससे एक खास मुद्दत के लिए औलाद की पैदाइश रुक जाती है, फिर इसे निकाल देने पर औलाद की पैदाइश हो सकती है, इससे भी मक़सद पूरा होता है, और आगे औलाद की चाहत हो तो आदमी मजबूर नही होता, मगर इसके बारे मे मुझे किताब ए फिक़ मे कोई इबारत ना मिली, कुरआन ओ हदीस की रोशनी मे बाज़ाहिर मुझे इसका इस्तेमाल जाइज़ नज़र आ रहा है, जिस तरह कॉन्डोम का इस्तेमाल जाइज़ है, यानी अगर आदमी 3 साल तक लगातार कॉन्डोम इस्तेमाल करे तो भी औलाद नहीं होती, कॉपर मे भी ये है की एक बार ही इस्तेमाल होगी, जब उलमा ने कॉन्डोम के जाइज़ होने का ब्यान किया तो इस क्रियास पर कॉपर भी जाइज़ है, (जबकि दोनो की रिज़ामंदी हो)


📕 जैसा की फतावा फ़ैज़रुरसूल जिल्द:02, सफा:580, पर है 


दवा या रबर की थेलि (कॉन्डम) इस्तेमाल करना जाइज़ है



📚ह़वाला पर्दादारी, सफा नं.31

     

✒️मौलाना अब्दुल लतीफ न‌ईमी रज़वी क़ादरी बड़ा रहुवा बायसी पूर्णियाँ बिहार

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