अहम ऐलान
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ISLAMI MALUMAT

मरकज़-ए-तहक़ीक़ व इफ़्ता
शरई फ़तवा दस्तावेज़

सवाल: किसी बुजुर्ग के चिल्ले को चादर बोसी करना कैसा ?

तारीख़: रविवार, जनवरी 19, 2025



अस्सालामु अलैकुम व रहमतुल्लाहि व बरकातुहु

क्या फरमातें है उलमाए एकराम व मुफ्तियान ए एजा़म मसअला के बारे में कि एक बुजुर्ग का चिल्ला है एक जगह लोगों ने उस चिल्ले की जगह को मज़ार बना दिया वहां उर्स चादर लंगर बोस व किनार वगैरह वगैरह किया जाता है तो उस जगह ये सब करना जाइज़ है या नहीं और वहां पर क्या क्या करना चाहिए बहवाला जवाब इनायत फरमाएं मेहरबानी होगी आपकी फक्त वस्सालाम

साइल> अब्दुल्ला 

व अलैकुम अस्सालाम व रहमतुल्लाहि व बरकातुहु

अल जवाब अल्ला हुम्मा हिदायतु अलहक़ बिस्सावाब

फर्जी मज़ार बनाना बिद्त महरुमा है और उस के साथ कबूर औलिया जैसे मआमलात करना हराम मजमुई तौर पर सरा सूरह मुल्क पढ़ना बेहतर है 

जैसा कि अश्शाह इमाम अहमद रजा़ खान फाजले बरैलवी अलैहि रहमा तहरीर फरमाते है कि फर्जी मज़ार और उसके साथ अस्ल सा मामला करना ना जाइज़ व बिद्त है

(हवाला फतावा रिज़विया शरीफ जिल्द 09 सफा नः 424)

और दूसरी जगह तहरीर फरमाते है कि कब्र मकबूर की तरफ़ बुलाना और उसके लिए वो अफाल कराना गुनाह है और जब कि वो उसके मिस्र है और ब ईलान उसे कर रहा है तो फासिक व मुअलिन है और फासिक व मुआलिन को इमाम बनाना गुनाह और फिर वाजिब उस जल्सा जियारत कब्र बे मकबूर मे शिरकत जाइज़ नही जै़द के इस मामला से जो खुश है खुसुसन वो जो मदद व ताऊन करते है सब गुनहगार व फासिक है 

(ब हवाला फतावा रिज़विया शरीफ जिल्द 09 सफा नः 426)

और फरमातें है कि झुठा मज़ार बनना और उसकी ताजीम जाईज़ नही 

वल्लाहो आलमु बिस्सवाब

कत्बा नदीम इब्न अलीम अलमस्बूर अलअैनी मुम्बई महाराष्ट्र 

हिन्दी ट्रांसलेट मोहम्मद शफीक़ रजा़ रज़वी 

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