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मरकज़-ए-तहक़ीक़ व इफ़्ता
शरई फ़तवा दस्तावेज़

सवाल: क्या ख्वाब कि बिना पर क़ब्र दुबारा से खोदी जा सकती है ?

तारीख़: बुधवार, जनवरी 12, 2022

 ग्रुप रज़ा कमेटी सेमरबारी दुदही कुशीनगर 

                         


सवाल 


दफन करने के बाद ख्वाब कि बिना पर कब्र खोद ना कैसा है जैसे हामिला औरत मर गई और दफन कर दी गई और किसी ने ख्वाब देखा कि उसका बच्चा पैदा हुआ तो महज़ उस ख्वाब के बिना पर कब्र खोदना जायज है या हवाला के साथ जवाब इनायत फरमाएं मेहरबानी होगी ?


साईल मोहम्मद हसरत रज़ा


जवाब 


महज ख्वाब कि बिना पर कब्र को खोदना जायज नहीं है


जैसा की हुजूर सदरु शरीया मुफ्ती मोहम्मद अमजद अली आज़मी अलेही रहमां तहरीर फरमाते हैं की ⤵️


हामिला औरत मर गई और दफन कर दी गई किसी ने ख्वाब देखा कि उसके बच्चा पैदा हुआ तो महज उस ख्वाब की बिना पर कब्र खोदनी जायज नहीं


📚 (बहार ए शरीयत जिल्दी 1 हिस्सा 4 सफा 117


✍🏼 अज़ क़लम हजरत अल्लामा मोलाना मोहम्मद अल्ताफ हुसैन कादरी साहब किब्ला



✍🏻 हिंदी ट्रांसलेट मोहम्मद रिज़वानुल क़ादरी सेमरबारी (दुदही कुशीनगर उत्तर प्रदेश)

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